आधुनिक जाल
2026 की ज़िंदगी में सेहत के चुपके-चुपके होते क्षय पर पाँच कविताएँ — स्क्रीन, algorithm, notification, हरदम चलता काम, और दिखावे का चेहरा। हर एक उस आधुनिक आदत को नाम देती है जो लौटाने से ज़्यादा ज़िंदगी छीन लेती है। हर जाल एक ज़रूरत जैसा दिखता है — पर असल में ज़रूरत का शोषण है।
उस screen ने तुम्हें बंद कर दिया
The Screen You Can't Close
feed ने तुम्हें ही feed बना दिया
The Feed You Trust
घंटी तुम्हारी, डोर उनकी
The Ping You Obey
काम तुम्हारा, पिंजरा उनका
The Hustle You Wear
चेहरा तुम्हारा, तमाशा उनका
The Self You Show
पाँच जाल, हर एक किसी चाही हुई चीज़ के भेस में। नाम देते ही उनकी पकड़ थोड़ी ढीली पड़ जाती है।