जीवन की देखभाल
सेहत के रोज़मर्रा के पाँच आधारों पर पाँच कविताएँ — शरीर को सुनना, उसे चलाना, उसे पोसना, उसे विश्राम देना, और दिन को महसूस करना। पाँचों मिलकर एक पूरे दिन का चक्र बनाती हैं। सुनो, चलो, खाओ, सोओ, महसूस करो — शरीर ही तुम्हारा दिन है।
अनसुनी धुन
The Hum You Ignore
गति ही जीवन है
The Body You Rest
एक थाली, दो भूख
The Plate You Fill
नींद में सफ़ाई
The Night You Lose
ज़िंदगी महसूस करो
The Day You Feel
क्रम से पढ़ें तो पाँचों एक दिन की यात्रा बनाती हैं — सुनना, चलना, खाना, सोना, महसूस करना। हर एक अकेले भी, किसी भी क्रम में, उस दिन पढ़ी जा सकती है जब वह आपको मिले।